संसद से वक्फ विधेयक पास हो गया. बिल पारित होने के बाद कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2019 में तीन तलाक को लेकर पास किए गए बिल के पास वक्फ विधेयक दूसरा बड़ा विवादास्पद बदलाव है, जिसे मुस्लिम समुदाय में लागू करने के लिए आगे बढ़ाया गया है.
जावेद की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि मौजूदा याचिका वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 25, 26, 29 और 300 ए के तहत निहित अधिकारों का उल्लंघन करता है. गौरतलब है कि जावेद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य भी थे.
मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव
याचिका में कहा गया है कि यह अधिनियम मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव करता है, क्योंकि इसमें ऐसे प्रतिबंध लगाए गए हैं जो अन्य धार्मिक बंदोबस्तों के प्रशासन में मौजूद नहीं हैं. “उदाहरण के लिए हिंदू और सिख धार्मिक ट्रस्टों को सेल्फ रेगुलेशन की सुविधा मिली हुई है, जबकि वक्फ अधिनियम, 1995 में किए संशोधनों ने वक्फ मामलों में राज्य के हस्तक्षेप को बढ़ा दिया है.
याचिका में कहा गया है कि इस तरह का भेदभाव अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, साथ ही मनमाने क्लासिफिकेशन की शुरूआत भी है, जो हासिल किए जाने वाले उद्देश्यों से उचित संबंध नहीं रखते हैं, जो इसे स्पष्ट मनमानी के सिद्धांत के तहत अस्वीकार्य बनाता है, जैसा कि पश्चिम बंगाल बनाम अनवर अली सरकार (1952) में कहा गया है.
अनुच्छेद 15 का उल्लंघन
याचिका में कहा गया है कि अधिनियम किसी व्यक्ति के धार्मिक प्रैक्टिस की अवधि के आधार पर वक्फ के निर्माण पर प्रतिबंध लगाता है. इस तरह की सीमा इस्लामी कानून, रीति-रिवाज या मिसाल में निराधार है और यह अनुच्छेद 25 के तहत धर्म को मानने और उसका पालन करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है. इसके अलावा, यह प्रतिबंध उन व्यक्तियों के साथ भेदभाव करता है जिन्होंने हाल ही में इस्लाम धर्म अपनाया है और धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए संपत्ति समर्पित करना चाहते हैं, जिससे अनुच्छेद 15 का उल्लंघन होता है.
याचिका के मुताबिक अधिनियम में वक्फ-बाय-यूजर की अवधारणा को छोड़ दिया गया है और वक्फ-बाय-यूजर के सिद्धांत की एम सिद्दीक बनाम सुरेश दास (2019) में विधिवत पुष्टि की गई है, जिसमें यह माना गया था कि एक संपत्ति लंबे समय तक धार्मिक इस्तेमाल के माध्यम से वक्फ का दर्जा प्राप्त कर सकती है.