जैव विविधता पर आधारित टीआरपी की कॉफी टेबल बुक ”फैदर्ड फ्रेंड्स” को मिल रहा शानदार प्रतिसाद

जैव विविधता पर आधारित टीआरपी की कॉफी टेबल बुक ”फैदर्ड फ्रेंड्स” को मिल रहा शानदार प्रतिसाद

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता और पक्षी जीवन को समर्पित “पंख वाले मित्र” (फैदर्ड फ्रेंड्स) नामक कॉफी टेबल बुक ने पर्यावरण प्रेमियों, प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षाविदों के बीच खास पहचान बना ली है। टीआरपी न्यूज (theruralpress.in) रायपुर द्वारा प्रकाशित इस विशेष बुक में छत्तीसगढ़ के स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की जीवनशैली, उनके आगमन के समय चक्र और उनके अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र को खूबसूरत तस्वीरों और सूचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक में 50 से अधिक पक्षी प्रजातियों की शानदार तस्वीरों के साथ-साथ उनके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इन पक्षियों में स्थानीय प्रजातियों के साथ-साथ साइबेरिया, अलास्का, मंगोलिया जैसे सुदूर देशों से आने वाले प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं, जो छत्तीसगढ़ की जलवायु को शीतकालीन प्रवास के लिए उपयुक्त मानते हैं।

वन मंत्री ने किया विमोचन

“पंख वाले मित्र” (फैदर्ड फ्रेंड्स) का औपचारिक विमोचन राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप ने किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के प्रति बढ़ती जागरूकता और संरक्षण प्रयासों की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा पक्षियों और वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर लगातार कार्य किया जा रहा है, और यह पुस्तक इस प्रयास को और बल प्रदान करती है।

खूब मिल रही सराहना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वन मंत्री केदार कश्यप, राज्य के कैबिनेट मंत्री, सांसद, कलेक्टर, वन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पुस्तक की सराहना करते हुए इसे न केवल छात्रों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी बताया, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना।

दूरस्थ जंगलों, जलाशयों और प्राकृतिक क्षेत्रों से ली गई तस्वीरें
इस पुस्तक के मुख्य फोटोग्राफर सत्यप्रकाश पांडेय ने छत्तीसगढ़ के दूरस्थ जंगलों, जलाशयों और प्राकृतिक क्षेत्रों में घूमकर पक्षियों की दुर्लभ तस्वीरें खींची हैं। उनकी तस्वीरों में बार-हेडेड गूज जैसे पक्षियों की हिमालय पार कर छत्तीसगढ़ तक की यात्रा को जीवंत रूप में देखा जा सकता है।

बुक के रिसर्च और संपादन कार्य में टीआरपी न्यूज (theruralpress.in) के प्रधान संपादक उचित शर्मा के निर्देशन में रिसर्चर सुनील दुबे और पूरी टीम ने अहम योगदान दिया है। यह पुस्तक न केवल एक दृष्टि देती है छत्तीसगढ़ की जैव विविधता पर, बल्कि यह संदेश भी देती है कि राज्य केवल वन्यजीवों के लिए नहीं, बल्कि पक्षियों के लिए भी एक आदर्श प्राकृतिक आवास है।

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