भाजपा शासन में छत्तीसगढ़ ‘अपराधगढ़’ बनने की ओर?बढ़ते अपराध और कम गिरफ्तारी पर उठे सवाल

भाजपा शासन में छत्तीसगढ़ ‘अपराधगढ़’ बनने की ओर?बढ़ते अपराध और कम गिरफ्तारी पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश अपराध की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। हत्या,लूट,अपहरण, दुष्कर्म और चोरी और अफीम की जैसी गंभीर घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है,

– जबकि कई प्रमुख जिलों में इन मामलों में गिरफ्तारी की दर 50 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पा रही है।

सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि चाकूबाजी जैसी घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। आरोप लगाया गया है कि सरकार सदन में इन घटनाओं के स्पष्ट आंकड़े तक पेश नहीं कर पा रही है, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदेश के बड़े शहरों और जिलों में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है। हत्या, लूट,अपहरण, दुष्कर्म और चोरी जैसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नहीं दिख रही है।कई जिलों में इन गंभीर अपराधों में गिरफ्तारी की दर 50 प्रतिशत से भी कम बताई जा रही है।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि यदि अपराध के मामलों में इतनी कम गिरफ्तारी हो रही है, तो यह दो ही स्थितियों की ओर इशारा करता है-या तो सरकार अपराधियों को पकड़ना नहीं चाहती, या फिर उन्हें किसी न किसी प्रकार का संरक्षण प्राप्त है.

बाईट- सुशील आनंद शुक्ला

इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने कई बार सरकार से सदन में स्पष्ट जवाब देने और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारने की मांग की है. वहीं राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर बढ़ते अपराधों पर सरकार की ठोस रणनीति क्या है।

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