छत्तीसगढ रायपुर, की विशेष अदालतों में मंगलवार को अलग-अलग गंभीर मामलों में सुनाए गए फैसलों ने अपराधियों के खिलाफ न्यायपालिका के सख्त रुख को स्पष्ट कर दिया.
विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने नशा तस्करी, दुष्कर्म और जानलेवा हमले जैसे चार अलग अलग मामलों में आरोपियों को कठोर दंड सुनाते हुए कानून का मजबूत संदेश दिया.
एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले मामले में थाना आजाद चौक पुलिस द्वारा पकड़े गए ओडिशा निवासी सूरज सरदार और रंजन मंडल को 11 किलो 600 ग्राम गांजा तस्करी का दोषी पाया गया. दोनों को 10 – 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक – एक लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गई. वहीं टिकरापारा क्षेत्र में प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी करने वाले कपिल सांखला और तनवीर खान को 15 – 15 वर्ष के कठोर कारावास तथा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया.
इसी दिन एससी- एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने शादी का झांसा देकर आदिवासी विधवा से लगातार दुष्कर्म करने वाले गरियाबंद निवासी गीता प्रसाद यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई. न्यायालय ने इसे सामाजिक रूप से घोर निंदनीय अपराध बताते हुए पीड़िता को प्रतिकर दिलाने के निर्देश भी दिए.
उधर खमतराई थाना क्षेत्र में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में लोकेश यादव और मेघराज साहू उर्फ सोनू को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई.
लोकेश यादव को अवैध हथियार रखने पर अतिरिक्त 3 वर्ष की सजा भी मिली.
एक ही दिन आए इन फैसलों को रायपुर में नशे, महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसक वारदातों पर न्यायपालिका की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.

