नाक के रास्ते दिमाग़ में घुसने वाला जानलेवा अमीबा, बढ़ी विशेषज्ञों की चिंता

नाक के रास्ते दिमाग़ में घुसने वाला जानलेवा अमीबा, बढ़ी विशेषज्ञों की चिंता

दुनिया भर में बेहद दुर्लभ माने जाने वाले नेगलेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) नामक खतरनाक अमीबा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह वही सूक्ष्म जीव है जिसे आम बोलचाल में “ब्रेन-ईटिंग अमीबा” कहा जाता है। यह गर्म पानी की झीलों, गर्म पानी के झरनों और लंबे समय से साफ-सफाई नहीं किए गए स्विमिंग पूलों में पाया जाता है।
अमेरिका के स्टीव स्मेल्स्की के 11 वर्षीय बेटे जॉर्डन की मौत इसी अमीबा के संक्रमण से हुई थी। परिवार कोस्टा रिका में छुट्टियां मनाने गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद जॉर्डन की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने दुनिया भर में इस संक्रमण के खतरे को फिर से चर्चा में ला दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, नेगलेरिया फाउलेरी दूषित पानी के साथ नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करता है। इसके बाद यह सीधे मस्तिष्क तक पहुंचकर वहां के ऊतकों को नुकसान पहुंचाता है। संक्रमण के कारण होने वाली बीमारी को प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) कहा जाता है, जो बेहद घातक मानी जाती है।
पिछले वर्ष भारत में इस संक्रमण के 200 से अधिक मामले सामने आने की खबरों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। हाल के महीनों में भी नए मामलों की जानकारी मिलती रही है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के कारण यह अमीबा अब उन क्षेत्रों में भी पाया जा रहा है, जहां पहले इसके मामले बहुत कम देखे जाते थे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को गर्म और असुरक्षित जल स्रोतों में तैराकी करते समय सावधानी बरतने, नाक में पानी जाने से बचने तथा स्विमिंग पूलों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की सलाह दी है। संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मतली और गर्दन में अकड़न शामिल हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी जाती है।

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