दुर्ग के बहुचर्चित भूमि विवाद मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। न्यायालय के आदेश के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 34 (साझा आपराधिक मंशा) के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दस्तावेजों के अनुसार एफआईआर क्रमांक 0429 दिनांक 3 अगस्त 2026 को दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2019 से जुड़े भूमि सौदे, खाता विभाजन और राजस्व अभिलेखों में कथित अनियमितताएं की गईं, जिसके कारण उन्हें आर्थिक और कानूनी नुकसान उठाना पड़ा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि भूमि हस्तांतरण और साझेदारी से जुड़े तथ्यों को छिपाकर अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया।
मामले से जुड़े दस्तावेज बताते हैं कि विवादित भूमि के संबंध में विभागीय जांच पूरी हो चुकी है, जबकि राजस्व अपील अभी लंबित है। इसके अलावा प्रकरण सिविल न्यायालय में भी विचाराधीन है। ऐसे में पुलिस जांच शुरू होने से मामले को नया कानूनी आयाम मिल गया है।
एफआईआर में कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करना है। उनका आरोप है कि खाता विभाजन और राजस्व प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी गहन जांच आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान भूमि संबंधी दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड, साझेदारी से जुड़े अभिलेख और न्यायालयीन आदेशों का परीक्षण किया जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
भूमि विवाद से जुड़े इस मामले में दर्ज एफआईआर के बाद अब सभी पक्षों की भूमिका, दस्तावेजों की वैधता और कथित अनियमितताओं की सच्चाई जांच का प्रमुख विषय होगी।इस मामले मे पिडित पक्ष ने क्या आरोप लगाया देखिए…

