छत्तीसगढ़ निशक्त शासकीय अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ ने दिव्यांग कर्मचारियों और दिव्यांगजनों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार और संबंधित विभागों से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। संघ ने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अब भी यूडीआईडी कार्ड और विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, जबकि राज्य में लाखों दिव्यांगजन निवास करते हैं।
संघ के अनुसार, प्रदेश में दिव्यांगजनों को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की योजना संचालित की जा रही है। इसके साथ ही कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि दिव्यांगजन स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें।
संघ ने यह भी कहा कि दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में 3 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू है, लेकिन कई विभागों में इसका समुचित पालन नहीं किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा सहित कई विभागों में आरक्षण संबंधी नियमों के अनुपालन पर सवाल उठाए गए हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने मांग की है कि दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों में निर्धारित आरक्षण का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा शासकीय निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। संघ ने दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए सभी विभागों से समन्वित प्रयास करने की अपील की है।

