पेंशन बंद होने से नाराज अनुदानित कॉलेजों के सेवानिवृत्त शिक्षक, सरकार से आदेश वापस लेने मांग की…

पेंशन बंद होने से नाराज अनुदानित कॉलेजों के सेवानिवृत्त शिक्षक, सरकार से आदेश वापस लेने मांग की…

छत्तीसगढ़ अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयीन पेंशनभोगी प्राध्यापक संघ ने राज्य सरकार द्वारा जारी आदेशों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान बहाल करने की मांग की है। संघ ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि 1 सितंबर और 11 सितंबर 2026 को जारी आदेशों के कारण प्रदेश के अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों से सेवानिवृत्त हुए लगभग 400 प्राध्यापकों एवं तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पेंशन बंद हो गई है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार पिछले 37 वर्षों से सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों को पेंशन एवं ग्रेच्युटी का भुगतान करती रही है। उन्होंने दावा किया कि उच्च न्यायालय ने भी विभिन्न मामलों में यह व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद सरकार ने पूर्व में जारी आदेशों में संशोधन कर पेंशन भुगतान रोक दिया है।

संघ का कहना है कि जुलाई और अगस्त माह की पेंशन का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है। इससे वृद्धावस्था में जीवन-यापन, स्वास्थ्य उपचार और पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में कठिनाइयां बढ़ गई हैं। संघ ने आरोप लगाया कि सरकार के इस निर्णय से पेंशनभोगियों के सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

प्रेस वार्ता में संघ ने तीन प्रमुख मांगें रखीं— 1 सितंबर और 11 सितंबर 2026 के आदेशों को तत्काल वापस लिया जाए, लंबित जुलाई-अगस्त की पेंशन का शीघ्र भुगतान किया जाए तथा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।

संघ के अध्यक्ष डॉ. हरिनारायण दुबे और महासचिव डॉ. डी.एन. शर्मा ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पेंशनभोगी शिक्षक आगे आंदोलन की रणनीति पर विचार करेंगे।

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