कागज़ी पार्टियों का करोड़ों का खेल! CID की रेड में खुला चंदे का काला सच

कागज़ी पार्टियों का करोड़ों का खेल! CID की रेड में खुला चंदे का काला सच

गुजरात में कथित “कागज़ी राजनीतिक पार्टियों” के जरिए चल रहे सैकड़ों करोड़ रुपये के संदिग्ध चंदा नेटवर्क पर आखिरकार CID ने शिकंजा कस दिया है। जिन पार्टियों का ज़मीनी अस्तित्व मुश्किल से दिखाई देता था, उन पर अब हजारों करोड़ रुपये के फर्जी चंदे और टैक्स चोरी के गंभीर आरोप लगे हैं।


CID में दर्ज एफआईआर के मुताबिक भारतीय नेशनल जनता दल, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी और गरीब कल्याण पार्टी समेत कई संगठनों पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक चंदे की आड़ में करोड़ों रुपये का वित्तीय खेल खेला। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन पार्टियों के खातों में आरटीजीएस और बैंकिंग माध्यमों से भारी रकम जमा कराई गई, फिर कमीशन काटकर अधिकांश पैसा मूल दानदाताओं को नकद लौटा दिया जाता था।


सबसे बड़ा मामला भारतीय नेशनल जनता दल से जुड़ा है, जिस पर 1100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग और 343 करोड़ रुपये से ज्यादा के सरकारी राजस्व नुकसान का आरोप है। वहीं स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी पर 519 करोड़ रुपये और गरीब कल्याण पार्टी पर 206 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध फंडिंग का मामला दर्ज किया गया है।


एफआईआर में यह भी दावा किया गया है कि फर्जी दान रसीदों और चुनाव आयोग को कथित रूप से झूठी रिपोर्ट सौंपकर आयकर अधिनियम की धारा 80GGB और 80GGC के तहत 100 प्रतिशत टैक्स छूट का लाभ दिलाया गया। जांच में कुछ पदाधिकारियों के कथित बयानों का भी उल्लेख है, जिनमें पार्टी गठन का उद्देश्य कमीशन कमाना और फर्जी एंट्री बनाना बताया गया है।


फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन CID का कहना है कि जांच जारी है। यदि आरोप साबित होते हैं तो यह देश के सबसे बड़े राजनीतिक चंदा और टैक्स हेरफेर मामलों में से एक साबित हो सकता है, जिसने राजनीतिक फंडिंग की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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