प्रिंस ढाबा जमीन विवाद: संचालक ने दी आत्मदाह की चेतावनी, हाईकोर्ट के आदेश तक कार्रवाई पर रोक

प्रिंस ढाबा जमीन विवाद: संचालक ने दी आत्मदाह की चेतावनी, हाईकोर्ट के आदेश तक कार्रवाई पर रोक

प्रिंस ढाबा की जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। ढाबा संचालक बलबीर सिंह मोंगा ने प्रशासन से जमीन का नापीकरण कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। वहीं, सिख समाज के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार से हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया है।

ढाबा संचालक हरविंदर सिंह मोंगा ने कहा कि वे पिछले 35 वर्षों से इस स्थान पर व्यवसाय कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष नापीकरण करा दे और जमीन किसी अन्य व्यक्ति की निकलती है, तो वे स्वयं ढाबे की चाबी सौंप देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट नापीकरण के कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनका परिवार प्रभावित हो रहा है।

छत्तीसगढ़ सिख संगठन के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने बताया कि विवादित जमीन को लेकर राजेंद्र सिंह चावला ने वर्ष 2018 में एकतरफा सीमांकन कराया था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 में संबंधित मामला हारने के बाद 2025 में पुनः केस दायर किया गया और 2026 में जमीन के पक्ष में आदेश प्राप्त किया गया। संगठन ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की है।

वहीं गुरविंदर सिंह ने कहा कि ढाबा उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है और बिना उचित कारण बिजली कनेक्शन काटे जाने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस मामले में तहसीलदार राममूर्ति दीवान ने बताया कि हाईकोर्ट में शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया है। इसी कारण फिलहाल प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है और अगली प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।

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