गरबा पंडाल में समुदाय विशेष के युवकों के प्रवेश को लेकर हुए विवाद के अगले ही दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उसी गरबा पंडाल में पहुंचे, जहां बीते दिन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और समिति पदाधिकारियों के बीच जमकर विवाद और धक्का-मुक्की हुई थी. दुर्ग नवनिर्माण समिति के गरबा उत्सव में पहुंचे भूपेश बघेल ने मां दुर्गा की महाआरती की. विवाद के मद्देनजर पंडाल और आसपास के इलाके में पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था तैनात रही.
महाआरती के बाद मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने गरबा विवाद को लेकर बजरंग दल और भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला. उन्होंने कहा कि विविधता ही भारत की खूबसूरती है. छत्तीसगढ़ में शीतला माता, जवारा, सेवा गीत, डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा और रतनपुर महामाया के रूप में मां की आराधना होती है. दुर्गा पूजा बंगाल से आई, गरबा गुजरात से आया और देश के लोग मिलकर इसे मनाते हैं. यही भारत की एकता और विविधता है.
समुदाय विशेष के युवकों के गरबा पंडाल में प्रवेश को लेकर बजरंग दल के विरोध पर बघेल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर हमला बोला. भूपेश ने मोहन भागवत के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि पहले अपने घर को सुधारना चाहिए.
वहीं, मूर्ति पूजा को लेकर उठे सवाल पर बघेल ने कहा कि भारत में अनेक दर्शन और परंपराएं हैं, जहां मूर्ति पूजा नहीं होती. सांख्य दर्शन, पतंजलि, कबीरपंथ और गुरु नानक देव की परंपरा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन को समझे बिना किसी को धर्म और आस्था पर ज्ञान नहीं देना चाहिए.
“भिलाई स्टील प्लांट बेचने नहीं देंगे”
भिलाई इस्पात संयंत्र के निजीकरण की चर्चाओं पर भी बघेल ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि भिलाई छत्तीसगढ़ और देश की अर्थव्यवस्था की धड़कन है. उन्होंने कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि अडानी भिलाई को खरीद लेगा, तो ऐसा नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि भिलाई को बचाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी और किसी भी कीमत पर इसे बिकने नहीं दिया जाएगा.
