चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का कहर: आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, ओडिशा में 30 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का कहर: आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, ओडिशा में 30 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, 50 ट्रेनें और 21 उड़ानें रद्द; छत्तीसगढ़ समेत सात राज्यों में बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली/रायपुर। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक देकर जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तूफान के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, काकीनाड़ा और कोनसीमा सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है। निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

रेल और हवाई सेवाएं प्रभावित

चक्रवात के चलते परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा तथा विशाखापट्टनम हवाई अड्डों से संबंधित 21 उड़ानें रद्द की गई हैं। आपदा से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में करीब 4,000 चक्रवात आश्रय केंद्र तैयार किए गए हैं, ताकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जा सके।

ओडिशा में स्कूल बंद, 30 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर

तूफान के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। एहतियात के तौर पर 16 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं, संभावित खतरे को देखते हुए करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव की तैयारियां की गई हैं।

छत्तीसगढ़ समेत सात राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात का प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक सीमित नहीं रह सकता। इसके असर से तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

छत्तीसगढ़ में भी मौसम के संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेष रूप से तेज बारिश और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जाती है।

फिलहाल, चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, राहत व्यवस्था और मौसम की स्थिति पर निगरानी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

प्रकाशन से पहले जरूरी: तूफान के नाम ‘अर्नब’, तट से टकराने के समय, रद्द ट्रेनों व उड़ानों की संख्या और सात राज्यों के अलर्ट की आधिकारिक पुष्टि मौसम विभाग (IMD) तथा संबंधित प्रशासन से अवश्य कर लें।

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