42 साल बाद मां की तलाश में नीदरलैंड से रायपुर पहुंची बेटी, शहर की गलियों में ढूंढ रही मां और छोटी बहन

42 साल बाद मां की तलाश में नीदरलैंड से रायपुर पहुंची बेटी, शहर की गलियों में ढूंढ रही मां और छोटी बहन

पिता की आखिरी निशानी के सहारे शुरू किया तलाश का सफर, रायपुर पुलिस और प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

मां की ममता और बचपन की यादों की तलाश इंसान को सात समंदर पार से भी खींच लाती है। ऐसा ही भावुक मामला रायपुर में सामने आया है, जहां 42 साल पहले महज छह महीने की उम्र में अपनी मां से बिछड़ी बेटी सुनीता अब्दुला नीदरलैंड से अपनी मां को तलाशते हुए रायपुर पहुंची हैं।

सुनीता की मां का नाम जमुना दत्ता है। सुनीता का कहना है कि बचपन में ही वह अपनी मां से अलग हो गई थीं। इतने वर्षों तक मां से कोई संपर्क नहीं रहा। अब पिता ने अपने जीवन के अंतिम समय में उन्हें बताया कि उनकी मां जमुना दत्ता रायपुर में रहती हैं। पिता से मिली इसी आखिरी जानकारी को आधार बनाकर सुनीता ने मां की तलाश शुरू कर दी।

सुनीता 14 दिन के वीजा पर भारत आई हैं और रायपुर की गलियों में अपनी मां जमुना दत्ता के साथ ही अपनी छोटी बहन शर्मिला को भी तलाश रही हैं। इस उम्मीद में वह पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई।

42 साल का लंबा इंतजार, मां की एक झलक पाने की उम्मीद और छोटी बहन से मिलने की चाह लेकर रायपुर पहुंची सुनीता की कहानी बेहद भावुक कर देने वाली है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और पुलिस की मदद से एक बेटी को उसकी मां और बहन मिल पाएंगी?

42 साल पुराना बिछड़ने का दर्द अब एक उम्मीद के सहारे है। जरूरत है रायपुर के लोगों और प्रशासन के सहयोग की, ताकि सुनीता की तलाश को मंजिल मिल सके।

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