मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी पर 50 हजार करोड़ की बोधघाट सिंचाई परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना में शामिल करने का आग्रह प्रधानमंत्री से किया है। इससे 8 लाख हेक्टेयर में सिंचाई और 200 मेगावाट बिजली उत्पादन संभव होगा। तेंदूपत्ता बोरे की दर 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये करने व चरण पादुका योजना से 13 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। कौशल विकास योजना में 90 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण और 39 हजार को रोजगार मिला।
नई उद्योग नीति में बस्तर के लिए 45% पूंजी अनुदान और नक्सलियों को रोजगार पर वेतन सब्सिडी का प्रावधान है। सांस्कृतिक आयोजनों जैसे “बस्तर ओलंपिक” व “बस्तर पंडुम” से क्षेत्र को नई पहचान मिली है। ‘बस्तर फाइटर्स’ बल में 3202 पद सृजित कर सुरक्षा व रोजगार बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा—“बस्तर का विकास ही नवा छत्तीसगढ़ का आधार है।”

