पीएम मोदी ने किया नए विधानसभा भवन का लोकार्पण, कहा – “अटल जी का सपना साकार हुआ

पीएम मोदी ने किया नए विधानसभा भवन का लोकार्पण, कहा – “अटल जी का सपना साकार हुआ

रायपुर, 1 नवंबर।
छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवा रायपुर में नव-निर्मित विधानसभा भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह भवन लोकतंत्र का तीर्थस्थल है और आने वाले दशकों तक यह छत्तीसगढ़ की “नीति, नियति और नीतिकारों का केंद्र” बनेगा।

कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।


“अटल जी का सपना साकार हुआ”

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भावुक होते हुए कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ से आत्मीय लगाव रहा है और इस भूमि ने उनके जीवन को आकार दिया है। उन्होंने कहा —

“जब अटल बिहारी वाजपेयी जी ने साल 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, तब यह सिर्फ प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि विकास की नई राह खोलने और इस भूमि की आत्मा को पहचान देने का फैसला था। आज अटल जी का सपना साकार हो रहा है।”

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का भी अनावरण किया और कहा कि यह क्षण छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम इतिहास का हिस्सा बन जाएगा।


“लोकतंत्र का तीर्थस्थल है यह भवन”

प्रधानमंत्री ने कहा कि नया विधानसभा भवन पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की आवाज़ का प्रतीक है। उन्होंने कहा –

“यह भवन लोकतंत्र का तीर्थस्थल है। इसका हर स्तंभ पारदर्शिता का प्रतीक है और हर गलियारा जवाबदेही की याद दिलाता है। यहां लिए गए निर्णय छत्तीसगढ़ के भाग्य को दिशा देंगे।”

उन्होंने पूर्व संविधान सभा सदस्यों रविशंकर शुक्ल, ठाकुर छेदीलाल, घनश्याम सिंह गुप्त, किशोरी मोहन त्रिपाठी, रामप्रसाद पोटाई और रघुराज सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर भारत के संविधान निर्माण में भूमिका निभाई थी।


संस्कृति और परंपरा का संगम

मोदी ने कहा कि नया विधानसभा भवन छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति का प्रतिबिंब है —

“इस भवन में बस्तर आर्ट की झलक दिखती है, इसमें गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश है, माता शबरी की आत्मीयता है, संत कबीर की सच्चाई है और महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की ‘नर सेवा, नारायण सेवा’ की भावना है।”

उन्होंने कहा कि यहां मुरिया दरबार, जिसे “आदिम संसद” कहा जाता है, की परंपरा को भी स्थान मिला है — जो लोकतंत्र की जननी भारत की प्राचीन परंपरा का प्रमाण है।


रमन सिंह की प्रशंसा

पीएम मोदी ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की सराहना करते हुए कहा कि वे राजनीति में एक उदाहरण हैं –

“क्रिकेट में तो कैप्टन खिलाड़ी बनकर भी खेलता है, लेकिन राजनीति में ऐसा कम देखने को मिलता है। रमन सिंह जी ने कार्यकर्ता भाव से लोकतंत्र को सशक्त बनाया है।”


“राम से राष्ट्र” का आह्वान

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का ननिहाल बताते हुए कहा कि रामराज्य के आदर्श ही सुशासन और जनकल्याण के प्रतीक हैं।

“राम से राष्ट्र का अर्थ है ऐसा भारत, जहां कोई गरीब या दुखी न हो, जहां समाज में समानता हो, स्वास्थ्य और समृद्धि हो, और आतंक जैसी मानवता विरोधी शक्तियों का अंत हो।”
उन्होंने कहा कि भारत आज “ऑपरेशन सिंदूर” के माध्यम से आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है।


नक्सलवाद से समृद्धि तक की यात्रा

पीएम मोदी ने कहा कि बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने अद्भुत परिवर्तन देखा है।

“कभी यह राज्य नक्सलवाद और पिछड़ेपन से पहचाना जाता था, आज यह समृद्धि, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक बन रहा है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन आज देशभर में चर्चा का विषय हैं।”


2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

“यह भवन तभी सफल होगा जब यहां लिए गए निर्णय जनकल्याण को समर्पित होंगे, किसान की मेहनत को सम्मान देंगे, युवाओं को दिशा देंगे और नारीशक्ति में नई आशा जगाएंगे।”


अंतिम संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में कर्तव्य सर्वोपरि है।

“आइए, हम सब संकल्प लें कि जनता-जनार्दन की सेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाएंगे। यही इस नए विधानसभा भवन के लोकार्पण की सच्ची सार्थकता है।”

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह को इस भव्य परियोजना को साकार करने के लिए बधाई दी और कहा –
“जय भारत – जय छत्तीसगढ़।

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