विद्यार्थी जीवन में नियोगी जी कलम की स्याही के साथ मेहनत कर पसीना बहाते थे। और एक दिन छत्तीसगढ़ के मुक्ति की लड़ाई में कुर्बानी देते हुए खून भी बहा दिया !
शेख अंसार की कलम से... भिलाई इस्पात संयंत्र में काम करते हुए नियोगी जी पढ़ाई भी किया करते थे। प्रबंधक भिलाई इस्पात संयंत्र कोक ओवन के कर्मचारियों के हक़ - अधिकार की लड़ाई में शामिल…









