एक आवाज पर जुट जाते थे सैकड़ों, अंतिम संस्कार में मुट्ठी भर लोग भी नहीं; सबसे करीबी झांके तक न
माफिया विनोद की एक आवाज पर सैकड़ों लोग जुट जाते थे। लेकिन अंतिम संस्कार में मुट्ठी भर लोग भी नहीं आए। परिजन रात 2.45 बजे माफिया विनोद का शव लेकर गोरखपुर आए। सुबह राजघाट पर…









