रायपुर: छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तत्कालीन तहसीलदार शशिकांत कुर्रे और तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण शामिल हैं।
एसीबी के अनुसार, इन अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पटवारी, राजस्व निरीक्षक, भूमाफिया और अन्य लोगों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। उन्होंने फर्जी राजस्व दस्तावेज तैयार कर वास्तविक भू-स्वामियों को तय मुआवजा राशि से कई गुना अधिक भुगतान कराया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471, 420, 409, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7सी और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले दोनों की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी। विशेष न्यायालय द्वारा उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और कुर्की की प्रक्रिया भी जारी थी।
गिरफ्तार दोनों अधिकारियों को कोर्ट ने 20 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान एसीबी उनसे भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ करेगी।

