भिलाई बिकने नहीं देंगे: निजीकरण के विरोध में सड़कों पर उतरेंगे विधायक देवेन्द्र यादव

भिलाई बिकने नहीं देंगे: निजीकरण के विरोध में सड़कों पर उतरेंगे विधायक देवेन्द्र यादव

भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव ने सेल–बीएसपी प्रबंधन की निजीकरण नीति के खिलाफ “भिलाई बिकने नहीं देंगे” अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि टाउनशिप से जुड़े मुद्दों पर प्रबंधन की उदासीनता के चलते अब जन जागरण और जन आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
विधायक यादव ने बताया कि पूर्व में किए गए भिलाई सत्याग्रह के दौरान सेल–बीएसपी प्रबंधन से रिटेंशन स्कीम, दुकानों के लीज नवीनीकरण सहित कई विषयों पर चर्चा हुई थी। उस समय पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय, सेक्टर-9 को लीज पर न देने, अस्पताल में कार्यरत व पूर्व कर्मचारियों की सुविधाएं यथावत रखने और मैत्री बाग को किसी भी संस्था को न सौंपने पर सहमति बनी थी।
हालांकि, रिटेंशन स्कीम के तहत आवासों के बढ़े हुए किराये को वापस लेने और लाइसेंस पर देने जैसे मुद्दों पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसी तरह दुकानों के लीज नवीनीकरण में रजिस्ट्री शुल्क कम करने पर भी प्रबंधन ने कोई फैसला नहीं किया।
इन्हीं मुद्दों को लेकर विधायक यादव 12 जनवरी से वार्डों का दौरा कर भिलाईवासियों से विचार-विमर्श करेंगे। इस दौरान रिटेंशन स्कीम और लाइसेंस के तहत आवंटित आवासधारियों से मुलाकात कर उनकी राय और वस्तुस्थिति की जानकारी ली जाएगी। सभी से संवाद के बाद 25 जनवरी को भिलाई स्टील प्लांट के इस्पात भवन तक पैदल मार्च किया जाएगा।
विधायक ने कहा कि पहले भी जनता के सहयोग से पांच दिन का उपवास रखा गया था, जिसके बाद प्रबंधन चर्चा के लिए तैयार हुआ था। लेकिन अब संवाद से बचा जा रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति देकर प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता।
“एक जनप्रतिनिधि के रूप में मेरी जिम्मेदारी है कि इन मुद्दों का समाधान कराऊं। हर समस्या का हल संवाद से निकलता है और हम लोगों के बीच जाकर यह संवाद स्थापित करेंगे,” विधायक देवेन्द्र यादव ने कहा।

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