राजनीतिक हत्या में गैंगस्टर महज़ मोहरा ही हो सकता है, हत्यारा हुकूमत का कोई राजनीतिक चेहरा होता है।
शेख अंसार की कलम से तिहाड़ जेल - 1956 में बने इस जेल का नाम तिहाड़ इसलिए पड़ा क्योंकि यह दिल्ली के करीब तिहाड़ गांव में बनाया गया है। यह केवल भारत नहीं बल्कि एशिया…








