दैत्यराज बुल्डोजर की आंखें और दिल नही होते…..
कोर्ट में प्रतिष्ठित न्यायनारी की प्रतिमा न्याय की प्रतीक हो सकती है, बुल्डोजर तो निसंदेह विध्वंस का ही प्रतीक है ! न्यायालय में प्रतीकात्मक तौर पर न्यायनारी प्रतिष्ठित की जाती है। कहते हैं इस नारी…
कोर्ट में प्रतिष्ठित न्यायनारी की प्रतिमा न्याय की प्रतीक हो सकती है, बुल्डोजर तो निसंदेह विध्वंस का ही प्रतीक है ! न्यायालय में प्रतीकात्मक तौर पर न्यायनारी प्रतिष्ठित की जाती है। कहते हैं इस नारी…
यह कोई मुस्लिम मुल्क नही है। ये अहमदाबाद है साहब, भारत का अहमदाबाद, यह कोई मुस्लिम मुल्क नही है। यहाँ भारतीय मुसलमान अपने ईमान और वतन परस्ती के बुलंद जज़्बे के साथ रहते हैं। जरा…
राजनीति गलियारों में चर्चा है,रेणुका सिंह के अच्छे दिन कब आएंगे ? केंद्र में मंत्री रही रेणुका सिंह राज्य में मंत्री भी नहीं बन पाई। मुख्यमंत्री के लिए रेणुका सिंह का नाम खूब चला। लोग…
रफी साहब के जन्मदिन के मौके पर ! बीबीसी ने पुरी दुनिया में रहने वाले 30 लाख हिंदुओं पर एक सर्वे कराया था, कि हिंदुओं का सबसे प्रिय भजन कौन सा है ? इस सर्वे…
बहरों को सुनाने के लिए धमाकें की जरूरत होती है कहकर 8 अप्रैल 1929 को सेन्ट्रल असेम्बली में भगतसिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ऐसी जगह बम फेंका था जहां जान - माल का नुक़सान न…
अफ़सोस हम यह मैच हार गये। देश के पहले गृहमंत्री लौहपुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची लौह निर्मित मूर्ति गुजरात के नर्मदा जिले के केवड़िया में सरदार सरोवर बांध के करीब स्थापित की…
मोदीजी के इस गणितीय आचरण को संस्कार और परम्परा की श्रेणी से नही देखा जा सकता। मोदीजी को संस्कार परम्परा ही यदि निभानी होती तो अपने गुरूतुल्य अग्रज लालकृष्ण आडवाणी के घर जाते, लेकिन वहां…
चुनाव में मतदान के दौरान तर्जनी ऊंगली पर लगने वाली स्याही की कहानी, जो लोकतंत्र की प्राणलहू है, जो लोकतंत्र की धमनियों में लहू के मानिंद बहकर लोकतंत्र को जीवंत बनाती है ! देश में…
उद्योगपति पराग देसाई के बाग - बकरी चाय का विज्ञापन नही है। प्रोफेसर अशोक चक्रधर के बाग - बकरी के सद्भावना से लबरेज कविता है। जंगल के चुनाव का संभावित विजेता वनराजा शेर शान्तिपूर्ण चुनाव…
1952 के आमचुनाव से ही विशेष तौर पर राजनांदगांव के विधानसभा का पंचवर्षीय चुनावी दंगल रोचक रहा है। क्योंकि इतवारी दंगल ( मल्लयुद्ध ) की परम्परा राजनांदगांव में रही है। चुनाव तो दलयुद्ध है इसे…
Copy Right Text | Design & develop by AmpleThemes