अदालतें यदि अवाम की खैर – ओ – बरकत का ख्याल रख इंसाफ करे तो उस पर अमल करना आमशहरी का फ़र्ज़ हो जाता है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है, कि कोलहल अधिनियम के तहत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग प्रतिबंध और नियंत्रित जिला दंडाधिकारी द्वारा किया जायेगा। डीजे के कानफोडू आवाज ने धन्नूलाल साहू की जान…








