छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर: पीएम मोदी के दौरे से पहले बस्तर में 140 से अधिक नक्सली हथियार डालेंगे

छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर: पीएम मोदी के दौरे से पहले बस्तर में 140 से अधिक नक्सली हथियार डालेंगे

छत्तीसगढ़ अपने राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है, और इसी मौके पर प्रदेश को एक बड़ी सफलता मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी में बस्तर के जगदलपुर में 140 से अधिक नक्सली शुक्रवार, 17 अक्टूबर को आत्मसमर्पण करने वाले हैं। नक्सली नेता रूपेश के नेतृत्व में हो रहा यह सरेंडर प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण माना जा रहा है।

100 से अधिक हथियारों के साथ नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पास 100 से अधिक हथियार हैं — जिनमें AK-47, SLR, INSAS राइफल, कार्बाइन और पिस्टल शामिल हैं। रूपेश, जो लंबे समय से दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी में सक्रिय रहा है, अब हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला कर चुका है।

बस्तर पुलिस और SIB कर रही निगरानी

इस ऐतिहासिक आत्मसमर्पण कार्यक्रम की तैयारियाँ बस्तर पुलिस और स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (SIB) की देखरेख में चल रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से दक्षिण बस्तर के नक्सल नेटवर्क को गहरा झटका लगेगा और क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा।

सरेंडर करने वालों का होगा रेड कार्पेट से स्वागत

गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, “बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण करने को तैयार हैं। हम उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेंगे। यह नई सरकार की नीति और जनता की आकांक्षाओं का परिणाम है। बस्तर की जनता अब लाल आतंक नहीं, विकास और शांति चाहती है।”

जगदलपुर में होगा आयोजन

सरेंडर का कार्यक्रम जगदलपुर में आयोजित होगा, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा मौजूद रहेंगे। गृह मंत्री ने कहा, “यह केवल एक घटना नहीं बल्कि बस्तर में नई उम्मीद और स्थायी शांति की शुरुआत है।”

पीएम मोदी के दौरे से पहले डबल अचीवमेंट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर की रात छत्तीसगढ़ आएंगे और 1 नवंबर को राज्योत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अलावा, नवंबर के अंत में रायपुर में डीजी कॉन्फ्रेंस भी होने वाली है। मोदी के दौरे से पहले बस्तर में यह सामूहिक आत्मसमर्पण केंद्र और राज्य दोनों के लिए डबल अचीवमेंट माना जा रहा है।

बस्तर में शांति की नई इबारत

पिछले कुछ महीनों में लगातार सुरक्षा बलों की सफलता और नक्सलियों के आत्मसमर्पण से यह स्पष्ट है कि अब बस्तर विकास की राह पर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कई बार कह चुके हैं —

“बस्तर का भविष्य अब बंदूक से नहीं, विकास से तय होगा।”

नक्सल सरेंडर की टाइमलाइन 2025

2 अक्टूबर (बीजापुर) – 103 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 1.06 करोड़ के इनामी शामिल

24 सितंबर (दंतेवाड़ा) – 71 नक्सली सरेंडर, 64 लाख के 30 इनामी

27 अगस्त (बीजापुर) – 30 नक्सली आत्मसमर्पण, 81 लाख के इनामी

24 जुलाई (बस्तर के 5 जिले) – 67 नक्सली मुख्यधारा में लौटे

8 अक्टूबर (नारायणपुर) – 16 नक्सलियों ने छोड़ी हिंसा

15 अक्टूबर (सुकमा) – 27 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

अब 17 अक्टूबर को बस्तर में 140 नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण इस साल का सबसे बड़ा और प्रतीकात्मक सरेंडर बनने जा रहा है — जो बस्तर की धरती पर लाल आतंक से शांति के युग में प्रवेश का संकेत देगा।

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