छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव अब कुछ ही दिनों दूर हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जिलाध्यक्षों की नई सूची अगले दो से तीन दिनों के भीतर जारी हो सकती है। इसी सिलसिले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने मंगलवार को दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।
इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। बैठक में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, तीनों सचिव—एस.ए. संपत कुमार, जरिता लैतफलांग और विजय जांगिड़ भी मौजूद रहेंगे।
12 राज्यों में संगठन समीक्षा पर चर्चा
AICC ने बैठक देश के 12 राज्यों में चल रहे SIR (संगठनात्मक समीक्षा रिपोर्ट) को ध्यान में रखते हुए बुलाई है। लेकिन छत्तीसगढ़ में यह बैठक जिलाध्यक्षों की नई सूची को अंतिम रूप देने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि जिलाध्यक्ष चयन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी, लेकिन बिहार चुनाव के कारण घोषणा टल गई। अब सिर्फ राहुल गांधी की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
27 जिलों में बदलाव लगभग तय
सूत्रों के अनुसार कुल 41 जिलाध्यक्षों में से करीब 27 में बदलाव लगभग निश्चित है। वहीं, 14 जिलाध्यक्षों में से केवल पांच से छह को दोबारा मौका मिल सकता है।
मार्च में पार्टी ने बालोद, दुर्ग ग्रामीण, नारायणपुर, कोंडागांव, कोरबा शहर व ग्रामीण, बलौदाबाजार, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा, बलरामपुर, बेमेतरा समेत कई जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त किए थे। नगरीय निकाय चुनाव से पहले मुंगेली, बस्तर ग्रामीण और रायगढ़ ग्रामीण में भी बदलाव हुए थे।
इन जिलों के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने अलग से पर्यवेक्षक नियुक्त कर कार्य समीक्षा रिपोर्ट तैयार करवाई थी। इनमें से पांच-छह जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया है।
परफॉर्मेंस-बेस्ड सिस्टम लागू
कांग्रेस इस बार संगठन में परफॉर्मेंस बेस्ड सिस्टम लागू कर रही है। इसके तहत हर छह महीने में जिलाध्यक्षों के काम और सक्रियता की समीक्षा होगी। पार्टी नेतृत्व इसे संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है।

