बालोद। महिला एवं बाल विकास विभाग, डौंडी परियोजना में भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। जानकारी फरवरी 2024 में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह से जुड़ी है।

आरटीआई में खुलासा
दांडी क्षेत्र के एक व्यक्ति द्वारा दाखिल आरटीआई के जवाब में सामने आया कि विवाह आयोजन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। सप्लाई बालोद जिले की न होकर जांजगीर-चांपा जिले की फर्मों से दिखाई गई। कई बिल बिना तारीख के बने मिले। सबसे हैरतअंगेज तथ्य यह रहा कि सीमेंट की दुकानों से श्रृंगार सामग्री खरीदी गई।
फरवरी 30 का दस्तावेज
भ्रष्टाचार का आलम यह रहा कि अधिकारियों ने फरवरी को ही 30 दिन का बना दिया। दस्तावेजों में 30 फरवरी की तारीख पर बिल और भुगतान आदेश दर्ज किए गए। यही नहीं, सरकारी खाते से रकम निकालकर निजी खाते में ट्रांसफर की गई और फिर फोन पे जैसे पेमेंट गेटवे से लेन-देन भी किया गया।
अधिकारियों के होश उड़े
मामला उजागर होने पर विभाग में हड़कंप मच गया। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडे ने कहा—
“जिले में सामूहिक विवाह योजना से जुड़े जो दस्तावेज सामने आए हैं उनकी जांच करवाई जाएगी। यदि भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि सरकारी योजनाओं में गरीबों के नाम पर किस तरह मनमानी और भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है।

