
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत राज्य बजट में अनुसूचित जाति समाज के सर्वांगीण विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था केंद्रों के संरक्षण तथा शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। भाजपा प्रदेश सह कार्यालय मंत्री (अनुसूचित जाति मोर्चा) अवध राम बघेल ने बजट की सराहना करते हुए इसे समाज के उत्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
अवध राम बघेल ने कहा कि सरकार ने समाज की आस्था से जुड़े प्रमुख स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
गुरु घासीदास बाबा की तपोभूमि एवं आस्था केंद्रों के संरक्षण के लिए भंडारपुरी–मुरुंजरा (मोतीमहल) के विकास हेतु 17 करोड़ रुपये तथा डोम निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं गिरौदपुरी धाम के वार्षिक आवंटन को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। गिरौदपुरी और भंडारपुरी क्षेत्र के समग्र उन्नयन के लिए कुल 5 करोड़ 60 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा समाज के सामाजिक ढांचे को मजबूत करने के लिए मड़वा में सतनाम धर्मशाला निर्माण हेतु 50 लाख रुपये, मुंगेली में सतनाम भवन के पुनरुद्धार के लिए 25 लाख रुपये तथा भिलाई स्थित सतनाम भवन में डोम निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष पहल करते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 4 प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास, एक क्रीड़ा परिसर और एक प्रयास विद्यालय भवन निर्माण के लिए कुल 25 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। राजधानी रायपुर में समाज के भव्य भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
अवध राम बघेल ने कहा कि यह बजट अंत्योदय की भावना को मजबूत करने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समाज के समग्र विकास के लिए किए गए प्रयासों पर सरकार का आभार व्यक्त किया।

