रायपुर/देश। धन व समृद्धि का प्रतीक धनतेरस का पर्व इस वर्ष आज 18 अक्टूबर, शनिवार को पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ में उल्लास के साथ मनाया जाएगा। दीपावली श्रृंखला के प्रथम दिन धनत्रयोदशी पर भगवान धन्वंतरि एवं माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा की परंपरा है। बाजारों में सोना, चांदी, भूमि, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू सामान की खरीदी को लेकर भारी चहल-पहल बनी हुई है।
पूजा-खरीदी का शुभ समय
ज्योतिष एवं वास्तुविद पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार—
पूजा व खरीदी का शुभ मुहूर्त: रात 7:16 से 8:20 बजे तक
प्रदोष काल: रात 8:20 से 8:48 बजे तक
गद्दी व खाता-बही खरीदी का समय: शाम 7:16 से रात 9:11 बजे तक
उन्होंने बताया कि इस दिन सोने-चांदी के सिक्के, जमीन-मकान, दुकान, वाहन, फर्नीचर, खाता-बही और चांदी के बर्तन खरीदने की परंपरा बेहद शुभ मानी जाती है। गृहस्थ लोग बेडशीट, सोफा, दीया और घरेलू सामग्रियों की खरीद भी बजट अनुसार करते हैं।
खगोलीय स्थिति
धनतेरस के दिन दोपहर 12:20 बजे से त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के बाद दोपहर 3:42 बजे से उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। इस बार धनतेरस पर शनि प्रदोष व्रत का योग भी बन रहा है, जो कर्म और धन प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
आस्था और मान्यता
धार्मिक मान्यताओं में धनतेरस की खरीदी को घर में सौभाग्य, सुख-समृद्धि और स्थिर धन की वृद्धि से जोड़ा जाता है। हर आय वर्ग के लोग इस दिन बजट के अनुसार शुभ वस्तुओं की खरीदी कर भविष्य के उज्ज्वल और संपन्न होने की कामना करते हैं।
धर्म और परंपरा से जुड़े इस महत्वपूर्ण अवसर पर बाजारों और श्रद्धालुओं में दिवाली का उत्साह चरम पर देखने को मिल रहा है।

