“छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त की बड़ी खबर की चर्चा है .. ईडी की छापेमारी में करोड़ों का घोटाला उजागर हुआ है। आधा दर्जन से ज्यादा आईएएस अधिकारियों से जुड़े कनेक्शन के सबूत मिले हैं। मामला डीएमएफ फंड और कृषि यंत्र सप्लाई से जुड़ा है, जिसमें 200 करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी सामने आ रही है।”
“ईडी की कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया है। छापे में न सिर्फ़ 50 लाख से ज्यादा नकद बरामद हुआ, बल्कि कई आईएएस अधिकारियों के कनेक्शन भी सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार, तीन डायरेक्टर एग्रीकल्चर रहे अफसर और तीन अलग-अलग जिलों के कलेक्टर इस पूरे घोटाले की जाँच के घेरे में हैं। इतना ही नहीं, बीज विकास निगम के तत्कालीन आईएएस एमडी का नाम भी चर्चाओं में है।
दरअसल, इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने डीएमएफ फंड से करीब साढ़े पाँच सौ करोड़ रुपये के कृषि यंत्रों की सप्लाई दिखा दी। लेकिन हकीकत यह है कि इसमें से 45% सप्लाई सिर्फ कागजों पर हुई।
इस पूरे खेल में रायपुर के बड़े होटल कारोबारी, सीए, सर्राफा व्यापारी और मेडिकल शॉप मालिक तक कूद पड़े। बाहर से पार्ट्स मंगाए गए, रायपुर में असेंबलिंग की गई और जिलों में करोड़ों के बिल बनाकर सप्लाई दिखा दी गई। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब 200 करोड़ से ज्यादा की राशि ग़ायब है।”
“ईडी अब इस पूरे मामले में अधिकारियों और कारोबारियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। देखना होगा कि छत्तीसगढ़ का ये अब तक का सबसे बड़ा सप्लाई स्कैम कहां तक पहुँचता है।”

