विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा राहत पैकेज घोषित किया. पहले 100 यूनिट तक लागू बिजली बिल हाफ योजना का विस्तार करते हुए इसे अब 200 यूनिट तक कर दिया गया है. सीएम ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के आग्रह और जनता की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि ऊर्जा बिलों का बोझ आम परिवारों पर कम हो.
42 लाख उपभोक्ताओं को लगेगी सीधी राहत: मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस संशोधित योजना से प्रदेश के लगभग 42 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा. घरेलू खपत पर आधा बिल लागू होने से घरों में बिजली के खर्च में बड़ी कमी आएगी और आर्थिक स्थिति पर तत्काल सकारात्मक असर देखने को मिलेगा. सरकार का दावा है कि यह कदम आम जनता के लिए बड़ी आर्थिक राहत साबित होगा.
बाकी उपभोक्ताओं के लिए ‘पीएम सूर्य घर’ का रास्ता: सीएम साय ने आगे बताया कि जो 45 लाख उपभोक्ता में से जो इस योजना में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, उनके लिए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ बड़े अवसर के रूप में उपलब्ध है. इस योजना के तहत घरों में 1 किलोवाट सोलर सिस्टम लगाने पर भारी सब्सिडी दी जा रही है. मुख्यमंत्री के अनुसार, आने वाले वर्षों में ये उपभोक्ता अपनी बिजली खुद पैदा करके न सिर्फ मुफ्त में उपयोग करेंगे बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर सकेंगे.
केंद्र–राज्य मिलकर दे रहे हैं 75% तक सब्सिडी: सीएम साय ने बताया कि घरेलू सोलर सिस्टम लगाने की कुल लागत का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा सब्सिडी के रूप में दिया जा रहा है. केंद्र सरकार 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये और राज्य सरकार 15,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है. इस तरह उपभोक्ता को सिर्फ एक चौथाई लागत वहन करना पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस शेष राशि के लिए आसान फाइनेंसिंग विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे लोगों को किसी तरह की आर्थिक कठिनाई न हो.
सोलर से मुफ्त बिजली और कमाई—ऊर्जा दाता बनने का अवसर: सरकार का दावा है कि सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ता आने वाले वर्षों में न केवल अपनी घरेलू जरूरतों के लिए मुफ्त बिजली प्राप्त करेंगे, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर ऊर्जा दाता भी बन सकेंगे. इससे घरों की आय बढ़ेगी और राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा का दायरा तेज़ी से विस्तृत होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में युद्धस्तर पर काम कर रही है.
सियासी संदेश—जनता के हित में बड़ा कदम, विपक्ष पर पलटवार: साय सरकार के इस निर्णय को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बिजली बिल पिछले कई महीनों से बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ था. विपक्ष लगातार बिजली बिलों को लेकर सरकार पर हमलावर था.आज की घोषणा के साथ सत्ता पक्ष इसे जनता से जुड़े वादों के पालन और आर्थिक राहत के बड़े कदम के रूप में पेश कर रहा है. आने वाले समय में इस फैसले का सियासी असर भी देखने को मिल सकता है.
