मनेंद्रगढ़। एकतरफा प्यार में नाबालिग छात्रा की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार तिवारी की अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी वीरेंद्र उर्फ सनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
घटना का विवरण
31 जनवरी 2025 को नाबालिग छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे एक सुनसान खंडहर मकान के पास बुलाया। वहां आरोपी ने पहले दुपट्टे से उसका गला घोंटा और फिर लोहे की रॉड से हमला कर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद मनेंद्रगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी छात्रा से एकतरफा प्यार करता था और छात्रा उसके प्रस्ताव को ठुकरा रही थी।
न्यायालय का फैसला
करीब आठ महीने तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता गोपाल वैश्य ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने मजबूत तर्क और गवाह पेश कर न्यायालय को विश्वास दिलाया कि आरोपी ही इस जघन्य अपराध का दोषी है।
पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने अदालत और पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है। परिवार ने उम्मीद जताई कि इस तरह के अपराधों पर कड़ी सजा से भविष्य में रोक लगेगी।
यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है कि कानून एकतरफा प्यार के नाम पर की गई हिंसा और हत्या जैसे गंभीर अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। अदालत का यह रुख न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने वाला है बल्कि समाज में भी अपराधियों के लिए चेतावनी साबित होगा।
मुख्य बिंदु:
आरोपी वीरेंद्र उर्फ सनी को आजीवन कारावास
एकतरफा प्यार के चलते नाबालिग छात्रा की हत्या
पुलिस और अभियोजन ने सबूतों से अपराध प्रमाणित किया
पीड़ित परिवार ने फैसले का स्वागत किया
