नई दिल्ली/रायपुर।
रायपुर लोकसभा सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मतदाता सूची के नियमित पुनरीक्षण को लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद आवश्यक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखने का सबसे मूलभूत आधार है।
सांसद अग्रवाल ने कहा, “जब मतदाता सूची शुद्ध होती है तभी जनादेश की पवित्रता सुरक्षित रहती है। मतदाताओं, राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों—सभी को इस प्रक्रिया में सकारात्मक सहयोग देना चाहिए।”
विपक्ष पर साधा निशाना
उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष चुनावी प्रक्रियाओं पर अनावश्यक सवाल उठाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश करता है।
अग्रवाल ने कहा, “कांग्रेस अपनी लगातार पराजयों को समझने के बजाय शंकाएँ पैदा करने में लगी रहती है। लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है, उसके निर्णय का सम्मान हर दल को करना चाहिए।”
सोनिया गांधी वोटर आईडी मामले पर प्रतिक्रिया
दिल्ली की अदालत द्वारा सोनिया गांधी को वोटर आईडी मामले में समन जारी होने पर सांसद अग्रवाल ने कहा कि यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है।
उन्होंने कहा, “देश में वर्षों से यह सवाल उठता रहा है कि क्या सोनिया गांधी का वोटर कार्ड विधि सम्मत है। अब अदालत की प्रक्रिया से सच सामने आएगा—दूध का दूध, पानी का पानी।”
उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि अदालतें निष्पक्ष रूप से सत्य को उजागर करेंगी।
चुनावी सुधारों पर सरकार गंभीर
अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार चुनावी सुधारों को लेकर लगातार काम कर रही है और सभी दलों से सुझावों का स्वागत करती है।
उन्होंने कहा, “जो भी सुधार लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं, हम उसके पक्ष में हैं। विपक्ष कोई अच्छा सुझाव देता है तो सरकार विचार के लिए पूरी तरह तैयार है।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अंत में कहा कि भारतीय लोकतंत्र की नींव सत्य, पारदर्शिता और नागरिक विश्वास पर टिकी है, और शुद्ध व निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया राष्ट्रहित में आवश्यक है।

