बीजापुर में नक्सलवाद पर सबसे बड़ी चोट, 21 दिन में 31 नक्सली ढेर — अमित शाह का बड़ा दावा
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देकर देश को बड़ा संदेश दिया है।
कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान सिर्फ 21 दिनों में 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया गया। यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित कुर्रगुट्टालू पहाड़ (केजीएच) पर हुआ, जो लंबे समय तक नक्सल संगठनों का गढ़ बना हुआ था।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस अभियान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद से अब तक 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 को न्यूट्रलाइज किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े साफ संकेत हैं कि 31 मार्च 2026 से पहले देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य अब दूर नहीं है।
शाह ने कहा कि जिस छत्तीसगढ़ को कभी नक्सली हिंसा का केंद्र माना जाता था, वह अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवा आज खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा में आगे बढ़ रहे हैं और साथ ही अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।
सीआरपीएफ के डीजी ने जानकारी दी कि 2014 में जहां देश के 35 जिले नक्सली हिंसा से प्रभावित थे, वहीं अब यह संख्या घटकर सिर्फ 6 जिलों तक रह गई है। इस अभियान में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं और सबसे बड़ी बात यह रही कि एक भी जवान को नुकसान नहीं हुआ।
कुर्रगुट्टालू पहाड़, जो कभी पीएलजीए बटालियन-1, डीकेएसजेडसी, टीएससी और सीआरसी जैसे संगठनों का मुख्यालय था, वहां अब तिरंगा लहरा रहा है। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ियों के बावजूद सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों ने साहस के साथ नक्सलियों की कमर तोड़ दी है।
सरकार ने साफ कर दिया है—नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है, और 31 मार्च 2026 से पहले भारत नक्सलमुक्त होगा।
