टाइप-5 डायबिटीज़ की नई श्रेणी,दुबले-पतले लोगों को भी हो सकता है डायबिटीज़

टाइप-5 डायबिटीज़ की नई श्रेणी,दुबले-पतले लोगों को भी हो सकता है डायबिटीज़

डायबिटीज़ को लेकर आम धारणा यही रही है कि यह बीमारी अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त लोगों को होती है। लेकिन अब चिकित्सा विशेषज्ञ इस सोच को बदल रहे हैं। हाल ही में बैंकॉक में आयोजित ग्लोबल डायबिटीज़ सम्मेलन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि कम बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) वाले, यानी दुबले-पतले लोग भी डायबिटीज़ के शिकार हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई पारंपरिक टाइप-1 या टाइप-2 डायबिटीज़ नहीं है, बल्कि इसे एक नई श्रेणी के तौर पर पहचाना जा रहा है – टाइप-5 डायबिटीज़।

टाइप-5 डायबिटीज़ की पहचान उन लोगों में की जा रही है, जिनका बीएमआई सामान्य से कम है लेकिन उनके शरीर में ग्लूकोज़ प्रोसेस करने की क्षमता कमज़ोर हो जाती है। इससे शरीर में शुगर लेवल अनियंत्रित होने लगता है।

क्या होता है बीएमआई?
बीएमआई (Body Mass Index) शरीर के वजन और लंबाई के अनुपात के आधार पर मापा जाता है। सामान्य तौर पर 18.5 से 24.9 के बीच का बीएमआई स्वस्थ माना जाता है, जबकि 25 या उससे अधिक होने पर व्यक्ति को अधिक वजन या मोटे की श्रेणी में रखा जाता है।

किन्हें है ज़्यादा खतरा?

जिन लोगों की बीएमआई सामान्य से कम है

जिन्हें परिवार में डायबिटीज़ का इतिहास रहा है

तनाव, खराब जीवनशैली या पोषण की कमी वाले लोग

दक्षिण एशियाई देशों के लोग, जिनकी शारीरिक बनावट दुबली-पतली होती है

विशेषज्ञों का कहना है कि टाइप-5 डायबिटीज़ को लेकर जागरूकता फैलाना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि इसके लक्षण अक्सर सामान्य रहते हैं और निदान में देरी हो सकती है।

उपाय क्या हैं?

नियमित जांच कराएं, चाहे वजन कम ही क्यों न हो

संतुलित आहार और व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें

थकान, अत्यधिक प्यास या बार-बार पेशाब जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें

डॉक्टरों की राय है कि टाइप-5 डायबिटीज़ एक “साइलेंट थ्रेट” बनती जा रही है, खासकर उन लोगों के लिए जो खुद को फिट और स्वस्थ मानकर जांच नहीं कराते।

International