रायपुर: शहर में गांजे के अवैध कारोबार और खुलेआम नशाखोरी पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। अवैध गांजा बिक्री के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पहले से चल रही कार्रवाई के साथ-साथ अब सार्वजनिक जगहों पर गांजा पीने वालों पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
खुलेआम नशा, कानून का उल्लंघन
पुलिस के अनुसार, पार्क, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चौक-चौराहों और सुनसान गलियों में बैठकर गांजा पीने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। कई युवाओं को कॉलेज समय के बाद या देर रात समूह में नशा करते देखा गया। यह न सिर्फ NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड सायकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक शांति व सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
गिरफ्तारी और जेल की चेतावनी
शहर पुलिस ने चेतावनी दी है कि अब केवल सप्लायर ही नहीं, बल्कि गांजा पीने वालों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पकड़े जाने पर उन्हें थाने लाकर मेडिकल जांच कराई जाएगी और मामला दर्ज होने के बाद जेल भेजा जाएगा। कई इलाकों में पुलिस ने सादी वर्दी में टीम भेजकर निगरानी तेज कर दी है।
युवा पीढ़ी पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, गांजे का नियमित सेवन स्मरण शक्ति, निर्णय लेने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। नशे की लत में पड़ने के बाद अपराध, पढ़ाई में गिरावट और पारिवारिक विवाद जैसे दुष्परिणाम सामने आते हैं।
जनता से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर वे आसपास के क्षेत्र में गांजे का अवैध कारोबार या सार्वजनिक जगहों पर नशाखोरी देखते हैं, तो तुरंत डायल 112 या नजदीकी थाने में सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

