रायपुर में अब सार्वजनिक जगहों पर गांजा पीने वालों की खैर नहीं, पुलिस ने कसी नकेल — गिरफ्तारी के बाद भेजे जा रहे जेल

– रायपुर पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए अब सार्वजनिक जगहों पर गांजा पीने वालों पर भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बीते दो दिनों में पुलिस ने सात आरोपियों को गांजा पीते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनसे चिलम, गांजा, लाइटर समेत अन्य सामग्री जब्त की गई है और सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

नशेड़ियों के उत्पात से बिगड़ रहा था माहौल

शहर के लगभग हर थाना क्षेत्र से शिकायतें आ रही थीं कि नशे की हालत में कुछ लोग सार्वजनिक स्थानों पर गाली-गलौज और उत्पात मचाते हैं, जिससे आमजन का जीना दूभर हो गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए रायपुर रेंज आईजी अमरेज मिश्रा ने हाल ही में समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे कि सिर्फ नशे का व्यापार करने वालों पर ही नहीं, बल्कि नशा करने वालों और सहयोग देने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।

क्या है कानून में प्रावधान?

एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 के तहत गांजा जैसे मादक पदार्थ का सेवन करना गैरजमानती अपराध है, जिसमें एक साल तक की सजा का प्रावधान है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 36(सी) के तहत कार्रवाई होती है, जो जमानतीय होती है। इस वजह से शराब पीने वालों की संख्या में खास कमी नहीं आई है, लेकिन गांजा जैसे नशे के मामलों में पुलिस अब सीधे जेल भेजने की कार्रवाई कर रही है।

गौरतलब है कि गांजा, हेरोइन, चिट्टा, अफीम, ब्राउन शुगर जैसे प्रतिबंधित नशे का न केवल व्यापार करना, बल्कि उपभोग, भंडारण, उत्पादन या खरीदना भी अपराध की श्रेणी में आता है।

ऑनलाइन कंपनियों पर भी निगरानी

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस ने कई ऑनलाइन कंपनियों को नोटिस भेजकर बटनदार चाकू और नशे से संबंधित सामानों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसके बाद कई कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में इन वस्तुओं की बिक्री बंद करने पर सहमति जताई है। पुलिस की सतर्क निगरानी अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक बढ़ा दी गई है।

सख्त कदमों से उम्मीद — सार्वजनिक जगहों पर बढ़ेगी सुरक्षा

रायपुर पुलिस की इस सख्ती से शहर में सार्वजनिक जगहों पर नशेड़ियों की संख्या में गिरावट आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नशे के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर अमल किया जाएगा।

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