राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को अपने केरल प्रवास के तीसरे दिन देश की पहली राष्ट्रपति के रूप में पवित्र सबरीमला श्री धर्म संस्थान मंदिर में पूजा-अर्चना कर इतिहास रचेंगी। यह यात्रा न केवल सदियों पुरानी परंपरा के प्रति आस्था का प्रतीक है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता का सशक्त संदेश भी मानी जा रही है।
कैसा होगा राष्ट्रपति का कार्यक्रम —
सुबह 9:35 बजे तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर द्वारा निलक्कल बेस कैंप के लिए प्रस्थान
निलक्कल से सड़क मार्ग द्वारा पंबा आगमन
पंबा गणपति मंदिर में परंपरागत ‘इरुमुदी केट्टू’ रस्म में शामिल होंगी
आम तीर्थयात्री मार्ग से हटकर सुरक्षा कारणों से विशेष गोरखा जीप से स्वामी अय्यप्पा मार्ग से सन्निधानम पहुँचना
लगभग 11:50 बजे भगवान अयप्पा के दर्शन का कार्यक्रम
दर्शन और विश्राम के बाद राष्ट्रपति देवस्वोम गेस्ट हाउस में दोपहर का भोजन करेंगी और दोपहर 3 बजे पंबा से लौटने की प्रक्रिया शुरू होगी। शाम 4:20 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा उनके तिरुवनंतपुरम वापस लौटने का कार्यक्रम तय है।
कड़ी सुरक्षा, लेकिन श्रद्धालुओं का प्रवेश जारी
राष्ट्रपति की यात्रा को देखते हुए सबरीमला और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। एसपीजी, केरल पुलिस और अन्य एजेंसियाँ संयुक्त रूप से सुरक्षा संभाल रही हैं। भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष प्रोटोकॉल लागू है।
इसके बावजूद मंदिर अधिकारियों ने साफ किया है कि श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होगा। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अधिकारी और तंत्री परंपरागत रीति से राष्ट्रपति की अगवानी करेंगे।
यह ऐतिहासिक अवसर सबरीमला की परंपरा, आस्था और समावेशी समाज की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।
