रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती परीक्षा घोटाले में गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीजीपीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया।
पूछताछ के बाद हिरासत
सूत्रों के मुताबिक, आरती वासनिक के साथ डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित सुमित ध्रुव और तीन अन्य से सीबीआई ने घंटों पूछताछ की। पूछताछ के बाद सभी को हिरासत में लेकर शुक्रवार को विशेष कोर्ट में पेश करने की तैयारी है। सीबीआई इन सभी आरोपितों को पुलिस रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करना चाहती है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में भी सीबीआई ने आरती वासनिक से लंबी पूछताछ की थी।
मामला कैसे शुरू हुआ?
जुलाई 2024 में सीबीआई ने 2020–2022 के दौरान हुई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पक्षपात के आरोपों की जांच अपने हाथ में ली थी। इन परीक्षाओं के जरिए डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य वरिष्ठ पदों पर चयन किया गया था।
पहले से जेल में कई बड़े नाम
इस घोटाले में पहले ही आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उनके भतीजे नितेश सोनवानी और साहिल सोनवानी, तत्कालीन उप नियंत्रक परीक्षा ललित गणवीर, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, नितेश सोनवानी, शशांक गोयल और भूमिका कटियार को डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित किया गया था, जबकि साहिल सोनवानी को डीएसपी बनाया गया था।
महादेव एप कनेक्शन
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि सीबीआई ने इसी क्रम में महादेव एप सट्टेबाजी मामले से जुड़े तीन लोगों को भी हिरासत में लिया है। हालांकि इस पर अभी तक सीबीआई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुल मिलाकर, सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बड़े नामों का खुलासा हो रहा है और इस पूरे प्रकरण ने प्रदेश की प्रशासनिक साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

