रायपुर। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार ₹35,000 करोड़ का रिकॉर्ड अनुपूरक बजट मंगलवार को विधानसभा में पारित हुआ। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट पेश करते हुए इसे विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन की दिशा में मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल संसाधनों की व्यवस्था नहीं, बल्कि सतत आर्थिक प्रगति और संतुलित विकास की स्पष्ट रूपरेखा है।
निगम-मंडलों को राहत
वित्त मंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय बोर्डों और निगमों पर ₹45,000 करोड़ से अधिक का लंबित ऋण था, जिससे कई संस्थान निष्क्रिय हो गए थे। अनुपूरक बजट के जरिए मार्कफेड और नान जैसे प्रमुख संस्थानों को मजबूती दी गई है, जिससे धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को संबल मिलेगा।
उद्योग और पूंजीगत व्यय पर फोकस
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं दीर्घकालिक विकास के लिए पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देते हुए 2025-26 के मुख्य बजट में ₹26,341 करोड़ और अनुपूरक बजट में अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ रखे गए हैं।
सड़क, रेल और कनेक्टिविटी
ग्रामीण सड़क कार्यक्रम (आरआरपी फेज-2) के लिए ₹175 करोड़, राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना के लिए ₹150 करोड़ और चिरमिरी–नागपुर हाल्ट रेल लाइन के लिए ₹86 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
कृषि और किसान कल्याण
कृषि उन्नति योजना के लिए ₹2,000 करोड़, 5 एचपी तक के पंपों को मुफ्त बिजली हेतु ₹1,700 करोड़ और ब्याज मुक्त ऋण के लिए ₹187 करोड़ रखे गए हैं। खाद्य सुरक्षा के तहत लंबित भुगतानों के निपटान के लिए कुल ₹19,224 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
महिला, ग्रामीण विकास और सुरक्षा
महतारी वंदन योजना के लिए ₹2,500 करोड़, ग्रामीण आवास के लिए ₹1,000 करोड़ और सड़क सुरक्षा व अग्निशमन सेवाओं के लिए ₹154 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी, एयरपोर्ट विकास और पर्यावरण संरक्षण पर भी बजट में ध्यान दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि शांति, सुरक्षा और विकास की बहुआयामी रणनीति के तहत छत्तीसगढ़ को जल्द ही वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने की दिशा में कार्य जारी है, वहीं बस्तर में सांस्कृतिक और खेल आयोजनों से विश्वास का माहौल बन रहा है।

