कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़े तेवड़ा में धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफन को लेकर उपजा विवाद गुरुवार को गंभीर हिंसा में बदल गया। शव को कब्र से निकालकर गांव से बाहर अंतिम संस्कार कराने की मांग को लेकर गुस्साई भीड़ ने प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते पत्थरबाजी और आगजनी में तब्दील हो गया। इस दौरान अंतागढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आशीष बंछोर सहित 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, मृतक चमरा राम सलाम (70) की मृत्यु 16 दिसंबर 2025 को हुई थी। मृतक का पुत्र गांव का सरपंच है। परिजनों ने मृतक का दफन संस्कार गांव की निजी भूमि पर किया, जिसे लेकर ग्रामीणों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि दफन संस्कार स्थानीय आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार नहीं किया गया, साथ ही मृत्यु को लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया।
शव निकालने के आदेश के बाद बढ़ा तनाव
ग्रामीणों की शिकायत पर कार्यपालिक दंडाधिकारी ने विधिक प्रावधानों के तहत शव को बाहर निकालने (Exhumation) का आदेश जारी किया। पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होते ही गांव में तनाव और बढ़ गया। आदिवासी और ईसाई समाज के लोगों के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात बेकाबू होने पर भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी, जिसमें ASP समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
हिंसा के दौरान चर्च में तोड़फोड़ कर आगजनी की गई, वहीं सरपंच के घर में भी तोड़फोड़ की सूचना है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच प्रशासन ने शव को कब्र से निकालकर गांव से बाहर भेज दिया।
चारामा में भी बढ़ा तनाव
इधर, बड़े तेवड़ा की घटना के बाद शव को चारामा तहसील मुख्यालय में दफन किए जाने की सूचना पर वहां भी तनाव फैल गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कब्रिस्तान पहुंच गए और दफन का विरोध शुरू कर दिया। संगठनों ने मांग की कि धर्मांतरित व्यक्तियों के अंतिम संस्कार के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि सामाजिक समरसता बनी रहे।
स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कब्रिस्तान व आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर हालात को शांत करने का प्रयास किया।
प्रशासन अलर्ट, उच्च अधिकारी मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए बस्तर आईजी, कांकेर के उप पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और कार्यपालिक दंडाधिकारी गांव में मौजूद हैं। घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र रेफर किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले में विधिक प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

