दिल्ली हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता एयरटेल कम्पनी ने 5400 करोड़ रूपये के जीएसटी से मुक्त करने के लिए एक याचिका लगाई थी। सुनवाई के बाद युगल पीठ के जस्टिस यशवंत वर्मा एवं जस्टिस गिरीश कथपालिया ने दिनांक 12 दिसम्बर 2024 को वस्तु सेवा कर (GST) अधिनियम के अन्तर्गत मोबाईल टावर को अचल सम्पत्ति नही माना है। अतः याचिकाकर्ता को राशि 5400 रूपये का भुगतान नहीं करना होगा।
विचित्र पार्दर्शिता और अजीब पर्देदारी है। इस अग्निकांड – कैशकांड की घटना पर अब तक कोई एफआईआर नही हुई हैं !14 मार्च की रात्रि जब समूचे देश में होलिका दहन की जा रही थी, ठीक उसी समय जस्टिस यशवंत वर्मा के 30 तुगलक रोड नई दिल्ली के आवास पर कतिपय अज्ञात लोगों द्वारा 15 करोड़ रूपये के नोटों की गड्डियां दलन की गई थी। हैरत की बात यह है, कि इस हैरतअंगेज कारनामे का एक सप्ताह बाद 21 मार्च 2025 को खुलासा हुआ है। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर नोटों का ढेर मिलने पर कार्रवाई के लिए एफआईआर दर्ज करने के लिए वकील मैथ्यूज नेदुम्पारा के दाखिल याचिका पर जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जल भुईयां की बेंच ने याचिका को अपरिपक्व (Primature) कहकर खारिज कर दिया। जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास के अग्निकांड – कैशकांड पर कार्रवाई के लिए लगी दो – दो याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट के द्वारा खारिज करने के बाद मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने जांच कमेटी का गठन किया। भारत में जांच समितियों, जांच आयोगों के निष्कर्षो – अनुसंशाओ पर कितनी कार्यवाही हुई पीड़ितो – प्रभावितो के साथ – साथ समूचा देश जानता है।