विधानसभा प्रश्नकाल में बड़ा खुलासा
रायपुर। राजधानी रायपुर का दिव्यांग कॉलेज, जिसे आठ साल पहले खोला गया था, आज भी “प्लेसमेंट कर्मचारियों” के सहारे चल रहा है।
दिव्यांग कॉलेज पर सवाल
कॉलेज के लिए स्वीकृत 31 पदों में से 30 पद खाली
प्लेसमेंट कर्मचारी ही सिखा रहे तबला वादन और कंप्यूटर
सिस्टम ने दिव्यांग कॉलेज को भी “दिव्यांग” बना दिया
सिर्फ एक कॉलेज नहीं, पूरे सिस्टम की तस्वीर
सरकारी डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल भी कई साल प्लेसमेंट से रहे
मंत्रालय और इंद्रावती भवन में रेगुलर से ज्यादा प्लेसमेंट मुलाजिम
मंत्रालय के प्यून तक प्लेसमेंट से नियुक्त
विधानसभा में गूंजा सवाल
इन कर्मचारियों पर हो रहा सरकार का खर्च
विपक्ष का सवाल: “पद खाली क्यों, नियमित भर्ती क्यों नहीं?”
नतीजा
प्लेसमेंट का “वायरस” पूरे प्रदेश में फैल चुका है।
सरकारी सिस्टम अब ठेके के कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है।

