
माँ आनंदिनी फाउंडेशन म्यूजिकल ग्रुप के तत्वावधान में “धरती पे रूप मां-बाप का” शीर्षक से एक भव्य, भावनात्मक एवं संस्कारों से ओतप्रोत संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन 12 जनवरी 2026 को विमतारा, शांति नगर, मधुपिल्ले चौक, रायपुर (छत्तीसगढ़) में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सायं 5:30 बजे हुई, जो देर रात्रि 10 बजे तक दर्शकों की तालियों और उत्साह के बीच निरंतर चलता रहा।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से माता-पिता के प्रति सम्मान, पारिवारिक मूल्यों, संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समर्पित रहा। मंच से प्रस्तुत भावनात्मक गीतों ने श्रोताओं को भावनाओं के सागर में डुबो दिया। कई प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों की आंखें नम हो उठीं और पूरा वातावरण श्रद्धा, संवेदना और संगीतमय ऊर्जा से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम का आयोजन फाउंडेशन की संस्थापक नंदिनी ढगे के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रेरणा स्रोत स्व. सूर्यप्रताप ढगे को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आयोजन को सफल बनाने में संस्था की अध्यक्ष डॉ. वंदना ठाकुर, सचिव ऐश्वर्या मिश्रा, प्रभारी अनामिका पांडे, प्रोग्राम डायरेक्टर पल्लवी राव, संरक्षक अभिताभ दुबे एवं श्वेता चौरे सहित संस्था के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा।

कार्यक्रम का सधा हुआ, गरिमामयी और प्रभावशाली मंच संचालन संजय कुमार शर्मा ने किया, जिन्होंने अपनी संवाद शैली से कार्यक्रम को निरंतर रोचक बनाए रखा। मंच से शहर के प्रतिष्ठित गायक-गायिकाओं ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रमुख कलाकारों में दीपक शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, ललित, जी.एस. कलसी, सागरिका सिन्हा, कृष्णा शेषगिरी राव, मीनाक्षी केसरवानी, मंजू शर्मा, सोनू, मोनिका, साक्षी, रेखा सहित अन्य कलाकार शामिल रहे।
कार्यक्रम की तकनीकी एवं साउंड व्यवस्था का दायित्व प्रदीप साहू द्वारा कुशलतापूर्वक निभाया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों, वरिष्ठ नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। दर्शकों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए जमकर तालियां बजाईं।
समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी कलाकारों, तकनीकी सहयोगियों, संस्था के पदाधिकारियों एवं उपस्थित दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी समाज को संस्कारों और संस्कृति से जोड़ने वाले प्रेरणादायी कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।

