छत्तीसगढ़ का ‘कोयला कनेक्शन’ फिर बेनकाब! ₹540 करोड़ की अवैध वसूली पर ईओडब्ल्यू की 1500 पन्नों की चार्जशीट, नेताओं तक पहुंचता था काला धन
छत्तीसगढ़ में ₹540 करोड़ के बहुचर्चित अवैध कोल परिवहन मामले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) ने बुधवार को बड़ा धमाका कर दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अकाउंटेंट देवेंद्र डड़सेना और मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के रिश्तेदार नवनीत तिवारी के खिलाफ 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है।
ईओडब्ल्यू का सीधा आरोप है कि दोनों मिलकर कोल कारोबारियों से मोटी वसूली करते थे, और वह पैसा प्रदेश के बड़े नेताओं तक पहुंचाया जाता था। यानी अवैध कोयला कारोबार की ‘काली कमाई’ ऊपर से नीचे तक बंटती थी।
वसूली का खेल: नकद, कोडवर्ड और डर का साम्राज्य
जांच में खुलासा हुआ है कि नवनीत तिवारी रायगढ़ में वसूली के पूरे नेटवर्क का जिम्मेदार था।
दो साल में 17.73 करोड़ रुपए की वसूली अकेले नवनीत ने की, जिसे रायपुर में सूर्यकांत तिवारी के घर जमा किया गया।
कोल वाशरी संचालकों से ₹100 प्रति टन और
ट्रांसपोर्टरों से ₹25 प्रति टन अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता था।
अगर कोई कारोबारी पैसा देने से मना कर दे, तो उसका डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) रोक दिया जाता या छापा पड़वा दिया जाता था। रायगढ़ और कोरबा में इसके लिए अलग वसूली ऑफिस भी बनाए गए थे।
‘कोडवर्ड डायरी’ में छिपे बड़े नाम
आयकर विभाग की छापेमारी में सूर्यकांत तिवारी के घर से मिली गुप्त डायरी में कई कोडवर्ड दर्ज हैं — जिनमें पूर्व मंत्रियों, विधायकों, आईपीएस-आईएएस अफसरों और कारोबारियों के नाम शामिल हैं।
हर कोड के सामने वसूली गई रकम का स्पष्ट हिसाब लिखा है।
ईओडब्ल्यू का दावा है कि कोल, शराब और डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) जैसे कई घोटालों से सूर्यकांत तिवारी को करीब ₹700 करोड़ की अवैध कमाई हुई, जिसे सत्ता के गलियारों में ऊपर से नीचे तक बांटा गया।
अब तक की कार्रवाई
इस पूरे काले कारोबार में अब तक
ईडी ने निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।
15 से ज्यादा नेता, विधायक और अफसर आरोपी, पर गिरफ्तारी अब तक नहीं।
सवाल बड़ा है:
क्या अब ईओडब्ल्यू और ईडी की चार्जशीट से उन “बड़े चेहरों” तक भी हाथ पहुंचेगा जो इस कोयला खेल के असली निर्देशक थे?
या फिर यह मामला भी सिर्फ फाइलों में धूल खाएगा..

