बालोद (छत्तीसगढ़)। नगरीय प्रशासन विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग ने दो महीने पहले दिवंगत हो चुके सब-इंजीनियर का तबादला आदेश जारी कर दिया। आदेश में दल्लीराजहरा के सब-इंजीनियर को नगर पंचायत तुमगांव स्थानांतरित किया गया, जबकि उनकी मृत्यु दो महीने पूर्व ही हो चुकी थी।
इस आदेश के सार्वजनिक होते ही विभाग की किरकिरी शुरू हो गई। मामला मीडिया और सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अफसरों ने आनन-फानन में दूसरी सूची जारी कर गलती सुधारने की कोशिश की।
विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
मृत कर्मचारी का नाम तबादला सूची में शामिल होना यह दर्शाता है कि विभागीय रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं किए गए। मानव संसाधन प्रबंधन में गंभीर लापरवाही के कारण परिजनों और सहकर्मियों को मानसिक पीड़ा उठानी पड़ी।
क्या बोले अधिकारी?
नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने माना कि यह त्रुटि अनजाने में हुई है। विभाग अब ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी कर्मचारियों के सेवा-अभिलेख अपडेट करने की प्रक्रिया तेज करेगा।
विपक्ष का निशाना
विपक्ष ने इसे सरकार की गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि जब मृतक कर्मचारी का भी तबादला हो सकता है, तो जीवित कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं का समाधान कैसे होगा?
इस घटना ने छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

