पुलिस जवानों के लिए ‘जीरो कट’ और ‘क्लीन शेव’ अनिवार्य नहीं: सूचना के अधिकार से बड़ा खुलासा

पुलिस जवानों के लिए ‘जीरो कट’ और ‘क्लीन शेव’ अनिवार्य नहीं: सूचना के अधिकार से बड़ा खुलासा

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में लंबे समय से प्रचलित जीरो हेयरकट और क्लीन शेव की अनिवार्यता को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान द्वारा दायर किए गए आरटीआई आवेदन के जवाब में पुलिस मुख्यालय, अटल नगर ने स्पष्ट किया है कि पुलिस जवानों के लिए बाल जीरो कट करवाना या दाढ़ी क्लीन शेव रखना कोई निर्धारित नियम नहीं है।

उज्जवल दीवान ने बताया कि 1861 के औपनिवेशिक दौर की कठोर व्यवस्थाओं के नाम पर कई अधिकारियों ने बिना नियमों की जानकारी के जवानों पर क्लीन शेव और जीरो कट को अनुशासन का हिस्सा मानकर दबाव बनाया। कई जवानों को दाढ़ी न बनाने या लंबे बाल रखने पर अनुशासनहीनता बताकर दंड तक दे दिया गया।

उन्होंने कहा कि अंग्रेज अधिकारियों ने अपने प्रभुत्व दिखाने के लिए भारतीय जवानों पर यह प्रथा थोपी थी, और दुर्भाग्यवश यह परंपरा आज भी कई जगह बिना किसी वैध नियम के लागू की जा रही है।

दीवान के अनुसार “अधिकांश जवान अपने विभागीय नियमों की किताब को ठीक से नहीं पढ़ते, इसलिए वे कई बार अनावश्यक सजा या अपमान झेलते हैं। अब समय है कि पुराने औपनिवेशिक ढर्रे को खत्म कर जवानों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाए।” उन्होंने बताया कि लगातार जागरूकता बढ़ने के कारण अब पुलिस कर्मी अपने अधिकारों के प्रति सजग हो रहे हैं।
दीवान का दावा है कि आने वाले समय में पुलिस बल में समानता और अधिकारों को लेकर सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे

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