मंडल रेल प्रबन्धक कार्यालय और सेक्रो रायपुर के संयुक्त तत्ववधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन

मंडल रेल प्रबन्धक कार्यालय और सेक्रो रायपुर के संयुक्त तत्ववधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन

रायपुर:- 12 मार्च, 2026 : दिनांक 11 मार्च 2026 को उल्लास रेल अधिकारी क्लब रायपुर में मंडल रेल प्रबन्धक कार्यालय और सेक्रो (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन ) रायपुर के संयुक्त तत्ववधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया l इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद और विशिष्ट अतिथि अध्यक्षा सेक्रो श्रीमती शिखा सिंह थी कार्यक्रम में 200 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया यह कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया गया था।

प्रथम चरण में महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई एवं महिला रोग एवं जागरूकता से संबंधित विषय पर डॉ. अर्पिता नामदेव के द्वारा स्पीच भी दी गई इसके बाद महिलाओं के लिए अलग-अलग तरह के खेलों का भी आयोजन किया गया । दोपहर भोजन पश्चात को मुख्य कार्मिक अधिकारी, आईआर – डॉ.दर्शनीता बी. अहलुवालिया द्वारा 08 मार्च को लॉन्च किए गए शाइन पोर्टल (Sexual Harassment Incident Notification-SHIN) जो कि महिलाओं की शिकायतों के ऑनलाइन पंजीकरण और निवारण से संबंधित पोर्टल है की जानकारी दी गई, जिसका पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री राहुल गर्ग द्वारा दिया गया । इसके साथ ही डॉ.दर्शनीता बी. अहलुवालिया द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से कार्यालयीन समस्याओं को पूछकर उनका शीघ्र निवारण करने की बात कही ।

कार्यक्रम के अगले चरण में मंडल रेल प्रबंधक एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक तथा अन्य शाखा अधिकारी उपस्थित रहे । अपने स्वागत भाषण में वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री राहुल गर्ग ने कविताओं के माध्यम से नारी जागरूकता की प्रेरणा देते हुए नारी जागरूकता का आवाहन किया l कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती शिखा सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोई भी माँ बेटा या बेटी होने पर दुखी नही होती और स्थिति ये होनी चाहिए कि अगला जन्म भी बेटी के रूप में लें तो दुःख नही होगा ।

मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानन्द ने अपने संबोधन में महिलाओं को प्रश्न करते हुए कहा की ऐसा क्यों जरूरी है कि सिर्फ लड़का पैदा होने पर ही खुशी मनाई जाए या पुरुष ही अपने वंश को चलाएं या पुरुष ही अपने माता-पिता को अग्नि दे ऐसा क्यों नहीं होता कि कभी महिलाएं बारात निकाले महिलाएं अपने सगे संबंधियों की चिता को अग्नि दें या घर के काम सिर्फ महिलाएं ही क्यों पुरुष क्यों नहीं, जब हम आधी आबादी की बात करते हैं तो दोनों में बराबर कामों का बंटवारा होना चाहिए मेरी नजर में वास्तव में महिला दिवस तब होगा जब महिलाये काम से लौटे और उन्हें घर में खाना बना हुआ मिले। कार्यक्रम के अंत में रेलवे की हैंडबॉल महिला विजेता टीम को सैक्रो द्वारा नगद पुरस्कार प्रदान किया गया और उपस्थित सभी महिलाओं को आकर्षक पुरस्कार भी प्रदान किए गए, अंत में धन्यवाद ज्ञापन सहायक कार्मिक अधिकारी श्री महेंद्र शर्मा द्वारा किया गया ।

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