
राजनाथ सिंह ने बहस की शुरुआत की और कहा कि विपक्ष यह न पूछे कि हमारे कितने विमान गिरे, बल्कि पूछे कि कितने आतंकी ठिकाने तबाह हुए. उन्होंने कहा, “परीक्षा में परिणाम मायने रखता है, न कि टूटी पेंसिल.”
गौरव गोगोई (कांग्रेस) ने सवाल उठाया कि ऑपरेशन सिंदूर क्यों रोका गया और पहलगाम में आतंकी कैसे पहुंचे? बोले, “सरकार सच्चाई बताए, हम साथ हैं.”
एस. जयशंकर के जवाब के दौरान विपक्ष के हंगामे पर अमित शाह भड़क गए. जयशंकर बोले, “भारत की जीरो टॉलरेंस नीति अडिग है, ऑपरेशन सिंदूर में ट्रंप से पीएम मोदी की कोई बात नहीं हुई.”
ललन सिंह (जेडीयू) ने कहा, “सेना की बहादुरी पर कोई बात नहीं कर रहे विपक्षी. असली बीमारी पकड़ी गई है, अब इलाज पक्का होगा.” शोर पर बोले, “प्रवचन मत दो यार.”
असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) ने तंज कसा, “साढ़े सात लाख फौज के बाद भी चार आतंकी कैसे घुस आए? अमेरिका ने व्हाइट हाउस से सीजफायर का ऐलान किया, भारत खंडन क्यों नहीं कर रहा?”
बहस के दौरान कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपनी-अपनी बातें मजबूती से रखीं।
