राजधानी रायपुर समेत आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। भारी बारिश के कारण सब्जियों की आवक पर असर पड़ा है, जिससे बाजार में सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं। खासकर टमाटर की कीमतें आमजन के लिए सिरदर्द बन गई हैं।
टमाटर 70 रुपये किलो तक पहुंचा
थोक बाजार में टमाटर की कीमत 50 रुपये प्रति किलो है, जबकि चिल्लर बाजार में यह 60 से 70 रुपये किलो तक बिक रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है और बाहर से आने वाली आपूर्ति भी घट गई है, जिससे कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।
कुछ राहत: आलू, प्याज और लहसुन हुए सस्ते
तेज बारिश और महंगाई के बीच कुछ राहत की खबर भी है। आलू 20 रुपये किलो और प्याज 25 रुपये किलो बिक रहा है। वहीं लहसुन, जो कुछ सप्ताह पहले तक 200 रुपये किलो बिक रहा था, अब 70 से 80 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है। यह राहत उन परिवारों के लिए थोड़ी सुकून देने वाली है जो इन खाद्य सामग्री का नियमित उपयोग करते हैं।
दूरदराज की सप्लाई पर असर
रायपुर में सब्जियों की मुख्य आपूर्ति महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से होती है। बारिश के कारण इन राज्यों से आने वाले ट्रकों की संख्या घटकर आधी रह गई है। टमाटर के 20 ट्रकों के बजाय अब मात्र 10-12 ट्रक ही शहर में पहुंच रहे हैं। परिवहन लागत बढ़ने से भी महंगाई और बढ़ गई है।
स्थानीय सब्जियों की कीमतें भी चढ़ीं
स्थानीय क्षेत्रों जैसे सिमगा, राजिम, दतरेंगा और एयरपोर्ट के आसपास उगाई जाने वाली लौकी, करेला, भिंडी और बैगन जैसी सब्जियों की कीमतों में भी तेजी आई है। स्थानीय उत्पादन कम और मांग अधिक होने के कारण इन पर भी महंगाई का असर दिख रहा है।
30 दिन तक नहीं मिलेगी राहत
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि कम से कम अगले एक महीने तक इस स्थिति में सुधार की उम्मीद नहीं है। बारिश जारी रहने से उत्पादन और आपूर्ति दोनों प्रभावित हैं। यदि मौसम सामान्य हुआ और आवक बढ़ी तो ही कीमतों में स्थिरता आ सकती है।
फिलहाल रायपुरवासियों को सब्जियों की महंगाई से जूझना पड़ेगा। ऐसे में आम लोगों को अपनी रसोई का बजट संभालकर चलाने की जरूरत है।

