ननों को मिली जमानत, केरल से पहुंचे सांसदों ने जताई खुशी – बोले, ‘सत्य की हुई जीत, लंबी लड़ाई अभी बाकी’

ननों को मिली जमानत, केरल से पहुंचे सांसदों ने जताई खुशी – बोले, ‘सत्य की हुई जीत, लंबी लड़ाई अभी बाकी’

2 अगस्त 2025: दुर्ग में कथित धर्मांतरण और मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तार की गई दो ननों को शनिवार को ज़मानत मिल गई है। बिलासपुर स्थित एनआईए कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे शनिवार को सुनाया गया। कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद ननों के परिजन और केरल से आए सांसदों ने राहत की सांस ली और इसे “सत्य की जीत” करार दिया।

शनिवार सुबह दुर्ग सेंट्रल जेल पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जोश के मानी, CPI के सांसद पी. संतोष कुमार, जॉन ब्रिटास और ननों के परिजन जोसेफ मैथ्यू शामिल रहे। इन नेताओं ने जेल में बंद ननों से मुलाकात की और ज़मानत मिलने की पुष्टि करते हुए बाहर आकर मीडिया से बातचीत की।

“ननों को मिली ज़मानत से हम खुश हैं” – सांसद जोश के मानी
सांसदों ने कहा कि ननों को नौ दिनों तक बिना किसी पुख्ता सबूत के जेल में रहना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जेल में होली ड्रेस में रहना पड़ा, जो न सिर्फ अमानवीय था बल्कि समाज सेवा में लगी महिलाओं का अपमान भी है।

राजनीतिक साजिश का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे प्रकरण को एक “राजनीतिक साजिश” बताते हुए केंद्र सरकार, बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “जो लोग क्रिसमस पर लड्डू और केक बांटते हैं, वही लोग समाज सेवा कर रही ननों को जेल भेज रहे हैं। ये दोहरा चरित्र अब सबके सामने है।”

“लड़ाई अभी बाकी है”
नेताओं ने साफ किया कि कानूनी लड़ाई यहीं खत्म नहीं होती। वे चाहते हैं कि इस “झूठे मामले” को रद्द किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। केरल में इस गिरफ्तारी को लेकर पहले से ही जनाक्रोश है और अब जब ज़मानत मिल गई है, तब भी न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दुर्ग में दो ननों को कथित रूप से धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी विवाद खड़ा कर दिया था। अब ज़मानत मिलने के बाद इस पर बहस और तेज़ होने की संभावना है।

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