रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जबरन मतांतरण को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए “कलंक” बताया। दो दिवसीय दिल्ली दौरे से लौटने के बाद रायपुर में प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जबरन मतांतरण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ अंतिम लड़ाई जारी है। सरकार बहुत जल्द इस पर ठोस कदम उठाने जा रही है।
CM साय का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुर्ग में मतांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार केरल की दो ननों को एनआईए कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री ने संकेत दिए थे कि राज्य सरकार अगली विधानसभा सत्र में जबरन मतांतरण को रोकने के लिए कड़ा कानून लाएगी।
कैबिनेट विस्तार के संकेत
मुख्यमंत्री साय ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “इंतजार करिए, बहुत जल्द होगा।” गौरतलब है कि साय सरकार में वर्तमान में दो मंत्री पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने की अटकलें तेज हो गई हैं।
अमृत रजत महोत्सव में शामिल होंगे प्रधानमंत्री मोदी
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 15 अगस्त 2025 से 21 मार्च 2026 तक “अमृत रजत महोत्सव” मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस महोत्सव के लिए आमंत्रित किया है, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया है।
दिल्ली में कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात
अपने दिल्ली दौरे के दौरान CM साय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की।
गडकरी ने दी 7000 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी
CM साय ने बताया कि नितिन गडकरी ने राज्य में सड़क विकास के लिए 7000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वहीं, खेल मंत्री डॉ. मंडाविया ने बस्तर ओलंपिक को ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के रूप में राष्ट्रीय मंच पर लाने का भरोसा दिलाया है।
माओवाद पर भी जताई संतुष्टि
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में माओवादी गतिविधियों की स्थिति और उन पर चल रही कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षाबलों की सतर्कता और रणनीतिक कार्रवाई के कारण माओवाद अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।

